भारतीय महिलाओं के पारंपरिक परिधानों में दुपट्टा (ओढ़नी) विशेष महत्व रखता है, देश के अन्य अंचलों की तरह ही उत्तराखण्ड के विभिन्न अंचलों में यह परंपरागत रूप से महिलाओं द्वारा पहना जाता है। कुमाऊं अंचल में यहां की स्थानीय भाषा में पिछोड़ा कहते हैं, पिछौड़ा अर्थात दुपट्टा या ओढनी। यहांRead More →

नन्दा देवी राजजात भारत के उत्तराखंड राज्य में होने वाली एक नन्दा देवी की एक धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखंड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। आमतौर पर हर 12 वर्ष पर होती है, जो अन्तिम राजजात यात्रा हुवी थी वो सन् 2014 में हुयी थी,Read More →

बसंत के पूजन की यह परंपरा असल में रोम से शुरू हुई थी। रोम की पौराणिक कथाओं के अनुसार फूलों की देवी का नाम ‘फ्लोरा’ था। इसको लेकर वहां कुछ कहानियां भी हैं। वहां फूलों से सजी एक खूबसूरत किशोरी के रूप में बसंत को पूजा जाता है। ‘फ्लोरा’ शब्दRead More →